कहीं कैलाश को घेरने की तैयारी में तो नहीं है प्रशासन.. अगर ऐसा हुआ तो फिर कौन आवाज़ बनेगा गरीबों की...
मुक्तिधाम में निर्माण में भराव के लिए खोद रहे थे मुरम सोनू ने बना दिया अवैध उत्खनन का केस..
।।चर्चित समाचार एजेंसी।।
।।शिवपुरी 06जनवरी 25।। कल 5 जनवरी के दोपहर समय खनिज विभाग को उनके मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि नरवर क्षेत्र में दो लोगों द्वारा जेसीबी व ट्रैक्टर ट्राली लगाकर अवैध मुरम उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। जैसे ही सूचना खनिज निरीक्षक सोनू श्रीवास के कानों तक पहुंची वह आनन फानन में पुलिस के कुछ जवानों सहित एक टीम लेकर मौके पर पहुंच गए। एवम मौके से एक जेसीबी व ट्रेक्टर- ट्राली जप्त कर ली। मौके पर मौजूद उत्खनन कर्ता अपनी जेसीबी एवम ट्रेक्टर ट्राली को वहींं छोड़कर भाग गए। वहीं टीम ने वाहनों को जप्त कर नरवर थाने के सुपुर्द कर दिया है। टीम द्वारा सोमवार को जाकर मौके का निरीक्षण करेगी तब जाकर जुर्माने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
दरअसल खनिज निरीक्षक सोनू श्रीवास ने बताया कि नरवर क्षेत्र से हमको सूचना मिल रही थी कि मंडी के नजदीक नहर से लगी हुई जमीन पर कुछ लोग मुरम खोदने का काम कर रहे हैं जब दबिस दी तो मामला सही पाया, टीम को देखकर जेसीबी एवम ट्रेक्टर ट्राली चालक अपने वाहनों को छोड़कर भागगए पता करने पर वाहन के मालिकों में नारायण बघेल एवम धनीराम कुशवाह का नाम सामने आया है।
हमारे द्वारा कार्रवाई कर वाहन नरवर थाने में रखवा दिए हैं जबकि वाहन मालिकों को सूचना दे दी है।
हमने मुक्तिधाम निर्माण का ठेका लिया है भराव के लिए मुरम के रहे थे।
वहीं जेसीबी मालिक नारायण बघेल एवम ट्रेक्टर ट्राली मालिक धनीराम कुशवाह का कहना है कि हमने नरवर क्षेत्र में मुक्तिधाम निर्माण का ठेका लिया है चूंकि निर्माण से पहले हमारे द्वारा उक्त जगह का भराव किया जा रहा था यही वजह थी कि हमारे द्वारा नहर क्षेत्र से मुरम उठाई जा रही थी।
पूरा शहर खोद दिया खनिज विभाग को दिखाई ही नहीं देता।
यहां आपको बताना लाजिमी होगा कि आजकल खनिज विभाग सिर्फ़ राजनैतिक इशारों पर कार्य कर रहा है। हाल ही में शिवपुरी मेडीकल कॉलेज के पीछे अवैध उत्खन्न हो रहा था जिसे भी राजनैतिक द्वेष के चलते पकड़ा गया था। वहीं उससे पहले गजराज और भूपेंद्र रावत की भी ट्रेक्टर ट्राली जप्त कराना यह भी राजनैतिक प्रेशर का ही नतीजा थी।
वहीं हाल ही में भैया जी से सम्बन्धित एक खदान जो कि रेखा आदिवासी के नाम संचालित थी और लम्बे समय से इस खदान की लीज के नाम पर अवैध उत्खनन हो रहा था जबकि की माइनिंग विभाग को पूरी तरह मालूम था कि इस खदान में मुरम बची ही नहीं है जो हो रहा है वह आसपास के क्षेत्र से किया जा रहा है जो पूरी तरह अवैध है। पर प्रशासनिक दृतराष्ट्र को तो लालची संजय अपनी आंखो से अपने हिसाब से दृश्य दिखा रहे हैं। जहां उनके हिसाब का सही है बस वही सही है। रेखा आदिवासी की खदान तो पहले ही खत्म हो चुकी थी फिर किसके इशारे पर तुमने कार्रवाई की।
वहीं नरवर की इस कार्रवाई में भी राजनैतिक बू आ रही है।
हालांकि राजनैतिक रसूख रखने वाले कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले मोटरसाईकिल चोरी में दो कुशवाह एक नरवर और एक कोलारस का आना, फिर अब अवैध मुरम उत्खनन में नरवर क्षेत्र के बघेल और कुशवाह समाज के लोगों का आना कहीं न कहीं। प्रशासन द्वारा पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह को घेरने की तैयारी प्रतीत होती है।
हालही में कैलाश ने फूंका न मादक पदार्थों के खिलाफ़ शंखनाद..
लगभग 16 जुलाई 2024 पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह द्वारा स्मैक एवम मिलावट के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद की थी जिस पर जिला प्रशासन द्वारा तावड़तोड़ कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपाई थी। इसके बाद कैलाश बघेल समाज के मृतकों को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे, फिर विधानसभा में किसानों के हित के लिए भी आवाज बुलंद करते नजर आए। इसके बाद किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मना करने के बाबजूद सूबेदार अरुण जादौन द्वारा किसान परमाल रावत की पिटाई जो सोशल मीडिया में सुर्खियों में रही वहां भी कैलाश कुशवाह मंच पर आगे- आगे नज़र आए जो कहीं न कहीं प्रशासन के गले की हड्डी बने हुए हैं जिसे चुप कराने के यह सांकेतिक प्रहार हैं।
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